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कौन है तीरथ सिंह रावत, जानिए फर्श से अर्श तक की कहानी

पौड़ी-गढ़वाल सीट से बीजेपी के सांसद तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। देहरादून में बीजेपी विधायक दल की बैठक में तीरथ सिंह रावत के नाम पर मुहर लग गई है। रावत आज शाम चार बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में तीरथ सिंह रावत के नाम पर फैसला होने के बाद पर्यवेक्षक रमन सिंह ने इसका ऐलान किया। इससे पहले कल उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

व्यक्तिगत जीवन
तीरथ सिंह रावत का जन्म पौड़ी गढ़वाल के सीरो, पट्टी असवालस्यू नामक नामक में हुआ था। उनके जन्म की तिथि 9 अप्रैल 1964 हैं। उनके पिता का नाम कलम सिंह रावत और माता का नाम गौरी देवी था। उन्होंने हेमवती ननदान गढवाल विश्विद्यालय से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स का ास्नातक कोर्स किया है।

उन्होंने श्री नगर गढ़वाल के बिड़ला कॉलेज से समाजशास्त्र में पतरस्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद से ही उन्होंने आरएसएस के साथ जुड़ते हुए और सामाजिक कार्य में तन-मन से लग गए। जिसके वजह से उन्हें 20 वर्ष की उम्र में अपने प्रांत का प्रचारक बन गए।

राजनीतिक जीवन की शुरुआत
साल 1983 में आरएसएस से बतौर युवा प्रचारक के रूप में अपनी शुरआत करने वाले रावत अपनी राजनैतिक दीक्षा प्राप्त कर के उन्होंने छात्र जीवन के आरएसएस के छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में राज्य के संगठन मंत्री का पद संभाला। उनके शानदार काम की वजह से राष्ट्रीय संगठन मंत्री बनाया गया।

वह 90 के दशक में रामभूमि आंदोलन से जुड़े और 2 साल तक जेल रहे। उन्होंने प्रदेश में मुजफ्फरनगर से गढ़वाल तक शहीद यात्रा की अगुवाई की थी।

वह 90 के दशक में रामभूमि आंदोलन से जुड़े और 2 साल तक जेल रहे। उन्होंने प्रदेश में मुजफ्फरनगर से गढ़वाल तक शहीद यात्रा की अगुवाई की थी।

उन्होंने 90 के दशक में उत्तराखंड राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 2000 में जब उत्तराखंड `राज्य बना तो वह पहली राज्य के शिक्षा मंत्री बने थे। वह वर्ष 1997 में राज्य के बनने से पहले उत्तर प्रदेश के बतौर विधान परिषद सदस्य रहे थे।

इसके बाद 2007 में भारतीय जनता पार्टी उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए।
तत्पश्चात प्रदेश चुनाव अधिकारी तथा प्रदेश सदस्यता प्रमुख रहे।
उत्तराखण्ड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष रहे।
वर्ष 2012 में चौबट्टाखाल विधान सभा से विधायक निर्वाचित हुए।
वर्ष 2013 में उत्तराखण्ड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने।
वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव बने।

तीरथ सिंह रावत ने कहा- ‘मैं केंद्रीय नेतृत्व, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करता हूं।’ उन्होंने कहा कि मैं आरएसएस से जुड़ने के बाद कई वर्ष तक विस्तारक प्रचारक रहा, विद्यार्थी परिषद् से जुड़ा रहा। संगठन मंत्री का दायित्व संभाला। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा को जनता तक नहीं था अटल जी से जब पहली बार मिला तो भाजपा से मेरा पहला परिचय हुआ।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधायक दल की बैठक के बाद तीरथ सिंह रावत के नाम की घोषणा की। विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह और प्रदेश पार्टी प्रभारी दुष्यंत गौतम भी उपस्थित थे।

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