Delhi

कौन है दिशा रवि, इनकी तुलना कसाब से क्यों हो रही है?

किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी ‘टूलकिट’ सोशल मीडिया पर साझा करने में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार हुई क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और ‘बेंगलुरु सेंट्रल’ संसदीय क्षेत्र से पार्टी के सांसद पीसी मोहन ने बयान दिया है। उन्होंने 21 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता की तुलना मुंबई के 26/11 हमले में पकड़े गए पाकिस्तानी चरमपंथी मोहम्मद अजमल आमिर क़साब से की है।

पीसी मोहन ने ट्विटर पर लिखा है, “बुरहान वानी भी 21 वर्ष का था। अजमल क़साब भी 21 वर्ष का ही था। उम्र बस एक संख्या है। कोई भी क़ानून से ऊपर नहीं है। क़ानून को अपना काम करने दीजिये। एक अपराध, हमेशा अपराध ही रहेगा।”

उनके बाद, पार्टी की प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने भी इस संबंध में ट्विट किया। उन्होंने लिखा, “किसी अपराध का उम्र या लिंग से कोई लेना-देना होता है? पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्याकाण्ड में शामिल महिलाएं भी कथित रूप से 17 या 24 वर्ष की थीं। निर्भया के रेपिस्ट और उसकी हत्या करने वालों में भी एक 17 वर्ष का था।”

कौन है दिशा रवि

दिशा रवि बेंगलुरू के माउंट कार्मल कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएट है। दिशा फ्राइडे फॉर फ्यूचर इंडिया की को-फाउंडर भी है। फ्राइडे फॉर फ्यूचर एक इंटरनेशनल मूवमेंट है जिसमें स्कूली छात्र शुक्रवार को क्लास मिस कर क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रदर्शन में शामिल होते हैं। इस प्रदर्शन के जरिये राजनेताओं से पर्यावरण में हो रहे बदलाव को लेकर कदम उठाने की मांग की जाती है। साल 2018 में युवा क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के स्वीडन के पार्लियामेंट के बाहर प्रदर्शन के बाद इसे काफी लोकप्रियता मिली।

क्या करती है दिशा रवि

दिशा रवि बेंगलुरू के माउंट कार्मल कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएट है। दिशा फ्राइडे फॉर फ्यूचर इंडिया की को-फाउंडर भी है। फ्राइडे फॉर फ्यूचर एक इंटरनेशनल मूवमेंट है जिसमें स्कूली छात्र शुक्रवार को क्लास मिस कर क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रदर्शन में शामिल होते हैं। इस प्रदर्शन के जरिये राजनेताओं से पर्यावरण में हो रहे बदलाव को लेकर कदम उठाने की मांग की जाती है। साल 2018 में युवा क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के स्वीडन के पार्लियामेंट के बाहर प्रदर्शन के बाद इसे काफी लोकप्रियता मिली।

एथलेक्टिस ट्रेनर हैं पिता

दिशा के पिता मैसुरू में रहकर एथलेटिक्स की ट्रेनिंग देते हैं। दिशा की मां हाउस वाइफ हैं। दिशा खुद बंगलुरू की कंपनी गुड मिल्क में कलीनरी एक्सपीरियंस मैनजर के रूप में काम करती हैं। दिल्ली पुलिस की टीम ने दिशा को उनके घर से गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाकर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया।

क्या होता है टूलकिट?

दरअसल किसान आंदोलन पर ट्वीट करने वालीं ग्रेटा थनबर्ग ने एक गूगल डॉक्युमेंट शेयर किया था, जिसका नाम टूलकिट था। इसमें किसान आंदोलन को लेकर एक एक्शन प्लान का जिक्र किया गया था कि कैसे इसके लिए माहौल बनाया जाएगा और सोशल मीडिया पर परसेप्शन बदलने की कोशिश होगी। इस टूलकिट को लेकर आईटी मिनिस्ट्री ने ट्विटर से कहा था कि इससे पता चलता है कि भारत से बाहर किसान आंदोलन को लेकर भ्रम फैलाने की रणनीति तैयार हुई थी।

हालांकि उनके वकील की मौजूदगी के बिना उन्हें पुलिस कस्टडी में भेजने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर दिशा के समर्थन में भी बहुत से लोगों ने लिखा है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा ने भी पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ़्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना की है और उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने की माँग की है।

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