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तो पता चल गया ममता बनर्जी का शादी नहीं करने और सफेद साड़ी पहनने की वजह

राजनीति में ऐसे बहुत कम लोग हैं जो सादगी से रहते हैं और इस लिस्‍ट में पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी का नाम जरूर आता है। उन्‍हें तेज गुस्‍से और तेज तर्रार छवि के लिए जाना जाता है।

आज हम आपको ममता बनर्जी के राजनीतिक ही नहीं बल्कि निजी जीवन के बारे में भी कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं जैसे कि उन्‍होंने कभी शादी क्‍यों नहीं की और वो हमेशा सफेद साड़ी ही क्‍यों पहनती हैं।

कांग्रेस से की शुरुआत

एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही ममता ने कांग्रेस से राजनीति में एंट्री मार दी थी। तब ममता छात्रा थीं और उस दौरान वो जयप्रकाश नारायण की कार के बोनट पर चढ़ गई थीं। उनका आरोप था कि सरकार निकम्‍मी है और वो इसका विरोध कर रहीं थी।

राजनीतिक सफर

1997 में ममता ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की नींव रखी। 1998 में उनकी पार्टी औपचारिक रूप से अस्‍तित्‍व में आई। साल 1999 में एनडीए सरकार में मंत्री बनी। 2001 में एनडीए को छोडा और फिर वापसी की। इसके बाद वो कोयला मंत्रालय की मंत्री बनीं। साल 2011 में ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल का मुख्‍यमंत्री बनाया गया।

क्‍यों रहीं जीवनभर कुंवारी

दरअसल ममता बनर्जी समाज के लिए काफी कुछ करना चाहती थी और चाहती हैं। लेकिन वो सामाजिक परम्पराओं की विरोधी भी रही हैं. उनमे सेवा भाव तो काफी है लेकिन इसी वजह से वो शादी के बंधन में बंधी भी नहीं। वो नहीं चाहती थी की किसी तरह का बंधन उन्हें बांध पाएं, वो नहीं चाहती थी कि किसी तरह का बंधन उनके समाज सेवा में बाधक बने। मतलब साफ़ है कि समाज कि खातिर ममता बनर्जी ने अपना घर नहीं बसाया और जीवन भर कुंवारी रहीं।

सफेद साड़ी पहनने का कारण

आपने अकसर नीली कन्‍नी वाली सफेद साड़ी में ही ममता बनर्जी को देखा होगा। इसके पीछे ये वजह है कि जब 9 साल की उम्र में उनके पिता का देहांत हुआ था तो उस समय वो बहुत गरीब थे। गरीबी में रही ममता को कपड़े खरीदने और इकट्ठा करने का शौक ही नहीं है। आज भी उनके घर जो मेहमान आते हैं वो उन्‍हें मुरमुरे और पानी ही देती हैं।

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