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मोदी के खिलाफ इन तीन मर्दानियों ने खोला मोर्चा

लोकसभा चुनाव के 6 चरण का मतदान हो चुका है. 19 मई को सातवें और आखिरी चरण के वोट डाले जाएंगे. 23 मई को मालूम चल जाएगा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नरेंद्र मोदी काबिज रहेंगे या कोई नया बागडोर संभालेगा. चुनाव प्रचार शबाब पर है. नरेंद्र मोदी से लेकर राहुल गांधी, ममता बनर्जी से लेकर मायावती और अखिलेश से लेकर प्रियंका गांधी, कोई नेता थोड़ी भी कसर नहीं छोड़ना चाहता.

जहां एक ओर भाषणों में पीएम मोदी फिर से एनडीए को बहुमत मिलने की बात कह रहे हैं तो दूसरी तरफ मायावती, ममता बनर्जी और प्रियंका गांधी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलकर टेंशन बढ़ाई हुई है. ममता बनर्जी और मोदी के बीच तू-तू मैं-मैं किस स्तर पर पहुंच गई है, यह किसी से छिपा नहीं है.

मायावती ने जशोदाबेन को घसीटकर पीएम नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है. मायावती ने कहा कि मोदी ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण अपनी पत्नी को छोड़ दिया. मायावती ने कहा कि बीजेपी में विवाहित औरतें मोदी से घबराती हैं. वहीं प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में बीजेपी और मोदी फैक्टर को कमजोर करने में जुटी हैं.

सोमवार प्रियंका गांधी मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए और फिर रतलाम रैली में पीएम मोदी पर सवालों की बौछार. अगर यूं कहें कि अन्य विपक्षी नेताओं से इतर मोदी की इन तीन मर्दानियों से अलग लड़ाई चल रही है तो गलत नहीं होगा. उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सामने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से लड़ने की चुनौती थी. लेकिन प्रियंका गांधी ने अचानक एंट्री मारकर सिरदर्दी और बढ़ा दी.

ममता बनर्जी आए दिन पीएम मोदी पर नए हमले करती रहती हैं. ममता बनर्जी को लगता है कि पीएम मोदी बंगाल और उनकी छवि खराब कर रहे हैं. दरअसल ममता बनर्जी और मोदी सरकार के भी तल्खियां चुनाव शुरू होने से पहले ही बढ़ गई थीं. बीजेपी को बंगाल से काफी उम्मीद है. इसलिए मोदी और अमित शाह दोनों ममता बनर्जी के गढ़ में बार-बार जाकर उन्हें चुनौती दे रहे हैं. इसके अलावा यूपी की की राजनीति में अलग जगह रखने वाली मायावती भी लगभग हर रैली में पीएम मोदी की नीतियों पर कटाक्ष कर रही हैं.

मायावती ने भले ही सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस की एंट्री नहीं होने दी लेकिन ऐसे बयानों से वह कांग्रेस का बैकडोर से पूरी तरह साथ दे रही हैं. पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार में मायावती के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए कहा था कि अखिलेश और कांग्रेस उन्हें धोखा दे रहे हैं. लेकिन सेंधमारी की कोशिश से मायावती इस कदर भड़केंगी ये अंदाजा शायद उन्हें नहीं रहा होगा.

अब बात प्रियंका गांधी की, जो भाई राहुल गांधी की तरह सॉफ्ट हिंदुत्व का सहारा ले रही हैं. झांसी से सिद्धेश्वर मंदिर से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर में भी वह दर्शन और पूजा-अर्चना कर चुकी हैं. उज्जैन महाकाल मंदिर में पूजा के बाद उन्होंने रतलाम में कहा कि पीएम मोदी खुद को संन्यासी कहते हैं तो गरीब किसानों और बेरोजगारों की सुध क्यों नहीं लेते.

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