Delhi

प्रियंका ने कहा- लगता है चुनाव आयोग ने नियम पुस्तिका से निष्पक्षता का पन्ना फाड़कर फेंक दिया

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने भाजपा नेता हिमंता बिस्व सरमा के चुनाव प्रचार करने पर लगे प्रतिबंध की अवधि कम किए जाने को ‘संसदीय लोकतंत्र के लिए काला दिन’ करार देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने यह फैसला मोदी सरकार के दबाव में किया है। इसके लिए आयोग को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग ने अपनी नियम पुस्तिका से निष्पक्षता वाला पन्ना फाड़कर फेंक दिया है।

प्रियंका ने कहा- चुनाव आयोग ने अपनी रूलबुक से निष्पक्षता वाला पेज फाड़कर फेंक दिया

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘चुनाव आयोग से हम भाजपा नेता की गाड़ी में ईवीएम मामले में कड़ी कार्रवाई का इंतजार कर ही रहे थे कि आयोग के दूसरे कदम से ऐसा लगता है कि उसने अपनी रूलबुक से निष्पक्षता वाला पेज फाड़कर फेंक दिया है।’ कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया, ‘आखिर किस दबाव में धमकी देने वाले भाजपा नेता पर प्रतिबंध को 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे किया गया?’

चुनाव आयोग का फैसला मोदी सरकार के दबाव में, संसदीय लोकतंत्र के लिए काला दिन : सुरजेवाला

दूसरी ओर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने यह फैसला मोदी सरकार के दबाव में लिया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘संसदीय लोकतंत्र के लिए काला दिन है। चुनाव आयोग के पास अपने आदेश पर कायम रहने की हिम्मत नहीं है। यह निंदनीय है कि चुनाव आयोग मोदी सरकार के दबाव में झुक गया और सरमा को चुनाव प्रचार से प्रतिबंधित करने का आदेश बदला। इतिहास इस पाप के लिए न तो चुनाव आयोग और न ही भाजपा को माफ करेगा।’

सुरजेवाला ने चुनाव आयोग पर दागे सवाल

उन्होंने सवाल किया, ‘क्या चुनाव आयोग यह बताएगा कि यह फैसला स्वत: लिया गया या फिर भाजपा या सरमा की तरफ से कोई नई याचिका दायर की गई? अगर ऐसा है, तो फिर इस मामले में शिकायत करने वाले दलों कांग्रेस और बीपीएफ को क्यों नहीं बुलाया गया? क्या यह दंड से मुक्ति के भाव के साथ धमकाने के लिए लाइसेंस देना है?’

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