Assam

असम में फिर शुरू हुआ नागरिकता कानून के खिलाफ आंदोलन

कोरोना वायरस ने जहां पूरी जिंदगी की रफ्तार धीमी कर दी है. वहीं इस जानलेवा वायरस ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ देश भर में चल रहे आंदोलन पर भी ब्रेक लगा दिया था, लेकिन अब जब धीरे-धीरे पूरा भारत अनलॉक हो रहा है तो असम में नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ आंदोलन फिर से शुरू हो गया है.

विवादित संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को वापस लेने और किसान नेता व आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई की रिहाई की मांग पर कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) ने मंगलवार को समूचे असम में प्रदर्शन किया. जिसमें बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए. राजधानी गुवाहाटी में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

इस मौके पर कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) अध्यक्ष राजू बोरा ने कहा कि हमलोगों ने मंगलवार को सीएए के खिलाफ आंदोलन फिर से शुरू कर दिया है और इस कानून के वापस लिए जाने तक यह आंदोलन जारी रहेगा.

उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन अधिक एकजुट और शक्तिशाली होगा. बीजेपी सरकार अखिल गोगोई से डरती है इसलिए उन्हें जेल में रखा है. वह गोगोई को जेल में रखकर लोगों की आवाज दबाना चाहती है.

बता दें कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद अखिल गोगोई का गुवाहाटी अस्पताल में इलाज चल रहा है. वह गुवाहाटी जेल में कैद रहने के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित हो गये हैं. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रहे अखिल गोगोई को पिछले साल 12 दिसंबर को जोरहाट से गिरफ्तार किया गया था. तब से वो जेल में हैं. उन पर एक दर्जन मुकदमे दायर किये गये हैं.

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