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कंगना रनौत को मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा पर बिफरे महाराष्ट्र के नेता

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को केंद्र सरकार से मिली वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार को रास नहीं आ रही है। सत्तारूढ़ दलों के नेताओं सहित सपा नेता अबू आसिम आजमी ने भी सोमवार को कंगना पर तीखी टिप्पणियां कर अपनी नाराजगी जाहिर की है। करीब एक सप्ताह से शिवसेना नेता संजय राउत के साथ चल रही कंगना रनौत की तकरार के बाद कंगना ने खुद को धमकी मिलने की शिकायत कर केंद्र सरकार से सुरक्षा की मांग की थी। कंगना की मांग पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा के तहत 11 सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए हैं। ये जवान सीआरपीएफ के होंगे। इनमें दो कमांडो भी शामिल होंगे।

खुद को मिली इस सुरक्षा के बाद कंगना ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का यह कहते हुए आभार भी माना कि ये प्रमाण है कि अब किसी देशभक्त आवाज को कोई फासीवादी नहीं कुचल सकेगा। मैं अमित शाह जी की आभारी हूं। वह चाहते तो हालातों के चलते मुझे कुछ दिन बाद मुंबई जाने की सलाह देते। मगर उन्होंने भारत की एक बेटी के वचनों का मान रखा। हमारे स्वाभिमान और आत्मसम्मान की लाज रखी। जय हिंद। कंगना नौ सितंबर को मुंबई पहुंचने वाली हैं। संजय राउत से हुए विवाद के बाद उन्हें मुंबई पहुंचने पर ‘देख लेने’ की धमकियां दी जाती रही हैं। शिवसेना के एक विधायक ने यह बयान भी दिया था कि यदि कंगना को शिवसेना की महिला शिवसैनिक सबक सिखाती हैं, तो इसका श्रेय लेने में शिवसेना को कोई गुरेज नहीं होगा।

इधर, कंगना को मिली सुरक्षा के बाद महाराष्ट्र में फिर से बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना नेता संजय राउत ने तो शिवसेना को छत्रपति शिवाजी महाराज व महाराणा प्रताप के आदर्शों का समर्थन बताते हुए कहा कि हम महिलाओं का सम्मान करते हैं। राज्य के गृहमंत्री व राकांपा के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने फिर कंगना पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आश्चर्यजनक व खेदजनक बात है कि महाराष्ट्र व मुंबई का अपमान करने वालों को केंद्र द्वारा वाई श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। महाराष्ट्र सिर्फ राकांपा, कांग्रेस व शिवसेना का ही नहीं, बल्कि भाजपा व यहां रह रहे लोगों का भी है। महाराष्ट्र का अपमान करने वालों की निंदा सबको मिलकर करनी चाहिए। कांग्रेस नेता व राज्य सरकार में मंत्री विजय वडेट्टीवार ने भी कहा कि कंगना को केंद्र की तरफ से सुरक्षा देकर महाराष्ट्र भेजना राजनीति से प्रेरित है। वडेट्टीवार ने सवाल किया कि कंगना रनौत कौन है? उसकी क्या औकात है ? ऐसे लोगों को महाराष्ट्र की जनता उनकी जगह दिखाएगी।

कंगना पर तीखी टिप्पणियां करने में सपा नेता अबू आसिम आजमी भी पीछे नहीं रहे। अक्सर शिवसेना से मोर्चा लेने वाले आजमी ने कहा कि कंगना बदतमीज महिला है। वो भाजपा व आरएसएस की भाषा बोल रही है। मैं समझता हूं कि जो शिवसेना कर रही है, ठीक कर रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कंगना पर कोई प्रत्यक्ष बयान तो नहीं दिया। लेकिन विधानसभा में एक परप्रांतीय पूर्व शिवसेना विधायक अनिल राठौर को श्रद्धांजलि देते हुए यह जरूर कहा कि कुछ लोग उस शहर के प्रति कृतज्ञ होते हैं, जहां जीविकोपार्जन करते हैं। लेकिन कुछ लोग नहीं होते हैं।

इस बयानबाजी के बीच सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ही कंगना के साथ खड़े दिखाई दिए। उन्होंने राज्य के गृहमंत्री को उनके द्वारा ली गई संविधान की शपथ याद दिलाते हुए कहा कि किसी का कोई वाक्य या विचार गलत हो, तो हम उसका विरोध कर सकते हैं। लेकिन राज्य सरकार में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी है कि वे उनकी जानमाल की रक्षा करें। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम एक बनाना रिपब्लिक बन जाएंगे। फड़नवीस के अनुसार, विशेष रूप से जिन्होंने संविधान की शपथ ली है, उनकी जिम्मेदारी है कि उन्हें किसी का मत पसंद आए या न आए। उसकी सुरक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। मुझे लगता है कि केंद्र सरकार ने जो किया, वह ठीक है।

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