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नौकरी नहीं तो युवाओं को मंदिर निर्माण के चंदा वसूली की रसीद ही दे दीजिए

एनडीटीवी के एंकर और वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने सोशल मीडिया में खुला खत लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। फेसबुक पर लिखे रवीश कुमार ने अपने इस ओपन लेटर में बेरोजगारी का मुद्दा उठाया है। रवीश कुमार ने देश के युवाओं की भी चुटकी ली है। रवीश ने लिखा है कि प्रधानमंत्री जी आप इन बेरोजगारों को नौकरी मत दीजिए, इन्हें मंदिर निर्माण के चंदा वसूली की रसीद ही दे दीजिए।

बेरोज़गारों को नौकरी नहीं, मंदिर निर्माण के चंदे की रसीद दीजिए प्रधानमंत्री जी

माननीय प्रधानमंत्री जी,

मैं टूलकिट से…

Posted by Ravish Kumar on Saturday, 20 February 2021

रवीश कुमार ने अपने खत में लिखा – “माननीय प्रधानमंत्री जी, मैं टूलकिट से परेशान हूं। बेरोज़गार अपने आंदोलन को ध्यान में लाने के लिए जो टूलकिट बनाते हैं उसमें मेरा फोन नंबर डाल देते हैं।अपनी बर्बादी का लंबा चौड़ा ब्यौरा भी डाल देते हैं। मैं आपके मंत्रिमंडल में रोज़गार मंत्री भी नहीं हूं। आपकी पार्टी के आई टी सेल का चीफ भी नहीं हूं। इन युवाओं के बार-बार लिखने से भारत की छवि ख़राब हो रही है। दुनिया हंस रही है कि भारत में मंदिर निर्माण के लिए चंदा वसूलने का काम रहते हुए भी युवा नौकरी मांग रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि भारत की बदनामी हो।

यह पत्र इसलिए नहीं लिख रहा कि आप बेरोज़गारों को नौकरी दे दें। आप ऐसा नहीं भी करेंगे तब भी युवाओं का वोट आपको ही जाएगा। आपको यकीन न हो तो धरना प्रदर्शन करने वाले युवाओं के बीच सर्वे करा लीजिए। मैं जानता हूं कि रोज़गार मुद्दा नहीं रहा। राजनीति में धर्म का सबसे बड़ा योगदान तो यही है कि वह राजनीति को ही ख़त्म कर देता है। धर्म का आधार न्याय होता है। लेकिन राजनीति में धर्म का काम अन्याय करना और उस पर पर्दे डालना होता है। इन युवाओं को अगर रोज़गार से भी बढ़ कर कुछ चाहिए तो धर्म का गौरव चाहिए। धर्म की पहचान चाहिए। बंगाल में आप जय श्री राम के नारे लगाने को मुद्दा बना रहे हैं। यूपी बिहार में यह काम तो उससे भी आसान है।

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