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बेमकसद नहीं है राजस्थान संकट हल करने का पूरा श्रेय राहुल को देना

राजस्थान में आखिरकार कांग्रेस अपनी सरकार बचाए रखने में सफल रही। पार्टी इसका पूरा श्रेय पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को दे रही है। यह महज इत्तेफाक नहीं है कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी का कार्यकाल खत्म होने के साथ पार्टी ने राहुल गांधी की तारीफों के पुल बांधने शुरु कर दिए।

पार्टी के अंदर यह मांग जोर पकड़ने लगी है कि मौजूदा राजनीतिक स्थितियों का मुकाबला करने के लिए राहुल गांधी को एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की बैठक में भी यह मुद्दा उठा। कई दूसरे नेता भी यह मांग उठाते रहे हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने भी राहुल गांधी को पार्टी की बागडोर संभालने की नसीहत दी थी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राहुल गांधी भले ही अध्यक्ष पद पर नहीं हों, पर कांग्रेस की पूरी रणनीति उनके इर्दगिर्द है। बिहार चुनाव के लिए उन्होंने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यकर्ताओं से बात की। राजस्थान संकट हल करने के लिए सचिन पायलट भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बजाए राहुल गांधी से मिले। मोदी सरकार के खिलाफ भी राहुल गांधी पार्टी का सबसे मुखर चेहरा है।

कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी एक साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर होने वाली सीडब्लूसी की बैठक में इस बार राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग और तेज हो सकती है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला से इस बारे में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा, “99 नहीं बल्कि सौ फीसदी पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद संभाले। इसका निर्णय कांग्रेस कार्यसमिति, राहुल गांधी और पार्टी उचित समय पर करेगी। भविष्य में क्या होता है यह निर्णय समय करेगा। पर जो होगा अच्छा होगा।”

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