Bihar

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी लोजपा, 5 जिलाध्यक्ष बदले…

चुनावी मोड में आ चुकी लोजपा ने संगठन में भी कुछ बदलाव कर दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज ने राज्य के पांच जिलों में नया अध्यक्ष को पार्टी की जिम्मेवारी दी है। इसी के साथ पूर्व से काम कर रहे जिलाध्यक्षों को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया है। इसके अलावा उन्होंने अपने सभी 40 सांगठनिक जिलों में एक- एक प्रधान महासचिव का भी पद बना दिया और उन पदों पर नये लोगों को मनोनीत कर दिया।

पार्टी के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने बताया कि मुंगेर में विनय कुमार गुड्डु को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वहां के अध्यक्ष को पहले अनधिकृत रूप से चुनाव संबधी बयान देने के आरोप में हटाया गया था। इसके अलावा भभुआ में गजेन्द्र गुप्ता, रोहतास में विनोद सिंह, बगहा में चन्द्रिका प्रसाद और किशनगंज में शमशाद अहमद को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि पहले से सीतामढ़ी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले श्रृषिकेश झा को पूर्ण रूप से अध्यक्ष बना दिया गया। इसके अलावा सभी 40 सांगठनिक जिलों में एक प्रधानसचिव का पद बनाकर उन्हें उसकी जिम्मेवारी नये लोगों को दी गई।

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सीटों को लेकर असमंजस में लोजपा, 36 और 42 का पेच

लोजपा ने चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। चुनाव की तैयारी और सीट तथा उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा के लिए पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने राज्य संसदीय दल की बैठक सात सितम्बर को बुलाई है। बैठक दिल्ली में होगी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज और संसदीय बोर्ड अध्यक्ष राजू तिवारी भी शामिल होंगे।

एनडीए में अभी सीटों की संख्या तय नहीं होने से लोजपा ऊहापोह में फंसी है। लोजपा प्रमुख चिराग पासवान सीटों पर चर्चा के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 18 अगस्त को ही मिलने वाले थे। लेकिन, श्री शाह की तबियत खराब हो जाने के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। लिहाजा अब तक यह तय नहीं हो सका है कि लोजपा को कितनी सीटें मिलनी हैं।

वैसे पार्टी ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि पिछले चुनाव में जो सीटें मिली थी उससे कम सीट पर लोजपा चुनाव नहीं लड़ेगी। फॉर्मूला भी वही होना चाहिए। हालांकि, उम्मीदवारों का चयन वह सभी 119 सीटों के लिए कर लिया है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार मात खा गये थे।

पिछले चुनाव के फॉर्मूले पर अगर सीट का बंटवारा होगा तो लोजपा के अनुसार उसका दावा 42 सीटों पर बनता है। यह दावा लोकसभा की सात सीटों के आधार पर पार्टी ने तय किया है। लेकिन, सूत्र बताते हैं कि एनडीए में उनको 36 सीट पर मनाने की तैयारी है। ऐसे रणनीतिकारों का मानना है कि पिछले चुनाव का ही फॉर्मूला इस बार भी होगा। लेकिन, विधानसभा के लिए रामविलास पासवान के लिए छोड़ी गई राज्यसभा की सीट की गिनती नहीं होगी।

इस प्रकार लोजपा छह लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ी थी और उस हिसाब से उसका दावा 36 विधानसभा सीटों का ही बनता है। बहरहाल, पार्टी ने संसदीय बोर्ड की बैठक में विकल्प पर भी चर्चा करने का फैसला किया है। इसके पहले भी पार्टी प्रमुख बोल चुके हैं कि उनकी पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है।

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