Politics

भारतीय लोकतंत्र का काला दिन

बिहार विधानसभा Bihar

बिहार: बिहार विधानसभा में जो कुछ भी हुआ वह भारतीय लोकतंत्र को एक बार फिर शर्मसार करने के लिए काफी था। इस बार पक्ष हो या विपक्ष दोनो ने ही लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा कर रख दी और साबित कर दिया कि हम नहीं सुधर सकते है।

घटना यह थी कि विधानसभा में कानून पास कराना था जिसको ले कर विपक्ष ने सड़क से ले कर सदन तक विरोध कर रहा था। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस ‘काला कानून’ और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर किये गये मार्च का नेतृत्व किया। पुलिस बल को कथित तौर पर बगैर वारंट की गिरफ्तारी की शक्ति देने वाला एक विधेयक नीतीश कुमार सरकार के बिहार विधानसभा में पेश करने के बाद मंगलवार को सदन में अभूतपूर्व स्थित देखने को मिली। स्पीकर के कक्ष का घेराव करने वाले विपक्ष के विधायकों को हटाने के लिए सदन में पुलिस बुलानी पड़ गई।

विधेयक की तुलना ब्रिटिश कालीन रौलेट एक्ट से की जा रही है और नए विधेयक पर विपक्ष के अपने तर्क हैं और सरकार अपनी ओर से स्पष्टीकरण दे रही हैं। लेकिन इस विधेयक में स्पष्ट लिखा है कि विशेष परिस्थिति में विशेष सशस्त्र पुलिस अधिकारी बिना किसी वारंट के तलाशी ले सकता है और अगर उसे लगे तो गिरफ़्तारी भी हो सकती है। विपक्ष बिना वारंट के गिरफ़्तारी के अधिकार को लेकर हंगामा कर रहा है।

तेजस्वी यादव कहते हैं, “सत्ता पक्ष के लोग इस बिल को पास कराने पर इतना अड़ गए थे कि हमें बोलने भी नहीं दिया जा रहा था। मैं कोई भी सवाल रख रहा था उनके विधायक टोकने लगते, हंगामा करने लगते. और जब जवाब देने की बारी आई, तो मुख्यमंत्री कहते हैं कि हमनें चर्चा ही नहीं होने दिया। लोहिया की जयंती और भगत सिंह के शहादत दिवस पर जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा करना बताता है कि पर नीतीश कुमार समाजवाद के नाम पर कलंक हैं।”

स्पीकर विजय कुमार सिन्हा कहते हैं- “आज तक विधानसभा में ऐसी तस्वीर नहीं दिखाई पड़ी थी. यह बहुत गंभीर है और दर्शाता है कि विपक्ष का नेतृत्व कितना अपरिपक्व है. इसकी जाँच होगी और कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके।”

बहरहाल आगे जो भी हो लेकिन सरकार द्वारा सदन में पुलिस को बुला कर जनप्रतिनिधियों की पिटाई करवाना और उठा कर बाहर फेकने की घटना काफी निंदनीय है क्योंकि सदन के नियमों के अवहेलना करने पर स्पीकर को बहुत से सजा देने के प्रावधान बनाये गए है उसका उपयोग न कर के पुलिस बुला कर सरकार ने अपने अधिकारों का गलत उपयोग किया है और तानाशाही पर उतरती दिख रही है।

पल्लवी सिंह

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top