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अमित शाह ने किया खुलासा, कौन है बदरुद्दीन अजमल जिनके गोद में बैठते है राहुल गाँधी?

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पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, पड्डुचेरी और आसाम समेत देश के पांच राज्यों में चुनाव हो रहे है। इनमे पश्चिम बंगाल तो ख़ास हैं ही लेकिन भारतीय जानता पार्टी के दृश्टिकोण से असम भी महत्वूर्ण हो गया है। इसकी वजह है कि बीजेपी पहले से सत्ता में काबिज है और वापस फिर से सत्ता में बने रहने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

इसी बीच चुनावी प्रचार में असम पहुंचे बीजेपी के चाणक्य और गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आने का मतलब अशांति आना। 10 साल तक कांग्रेस का शासन था। गोलियां चल रही थीं, लोग मर रहे थे, दिनों दिन तक कर्फ्यू था। आतंकवादी, आतंकवाद का नंगा नाच, नाच रहे थे। आतंकवाद ने सारी हदें लांघ दी थीं। पांच साल पहले सरकार आई उसके बाद से असम में शांति है।

अमित शाह ने कहा कि एक तरफ राहुल और बदरुद्दीन अजमल की कांग्रेस है। दूसरी तरफ मोदी की बीजेपी है। कांग्रेस की नीति है झगड़ा कराओ, तोड़ो और राज करो। इन्होंने असमियों-बंगालियों के बीच झगड़ा कराया, अपर असम–लोवर असम के बीच झगड़ा कराया।

‘कांग्रेस सत्ता में आई तो होगी घुसपैठ’
गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी गोद में बदरुद्दीन अजमल को बैठाया है, अगर इनके हाथ में सत्ता आ गई तो, बे-रोकटोक घुसपैठ होगी। शाह ने कहा कि राहुल गांधी आए थे, असम की अस्मिता की बात करते हैं और बदरुद्दीन को साथ लेकर चलते हो? बोडोलैंड की समस्या असम को चैन से सोने नहीं देती थी आज समझौता कराकर बीजेपी ने असम में शांति कायम की है।

कौन है बदरुद्दीन अजमल
साल 2005 में बदरूद्दीन अजमल ने जमीयत उल हिंद में रहते हुए ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानि एआईयूडीएफ नाम से अलग राजनीतिक पार्टी बनाई। अब एआईयूडीएफ असम में बड़ी ताकत बन चुकी है। इन चुनावों में अजमल की पार्टी और कांग्रेस साथ चुनाव लड़ रहे हैं। इस गठजोड़ के बाद से ही ना केवल बीजेपी विचलित है बल्कि मौलाना पर हमलावर भी है।

हकीकत ये भी है बदरुद्दीन अजमल को असम में असर रखते हैं और तमाम अहम संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। हमेशा सिर पर गोल टोपी, लंबी दाढ़ी और परंपरागत असमिया गमछा में रहने वाले अजमल सफ़ेद कुर्ता-पायजामा पहने होते हैं। वो जहां जाते हैं वहां भारी भीड़ जमा हो जाती है। खासकर असम के बंगाली बोलने वाले ग़रीबों और पिछड़े मुसलमानों में उनकी खासी पैठ है।

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