Bihar

आखिर 2 महीने से क्यों चूक गए लालू यादव?

Lalu Yadav

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव को शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट ने यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया कि उनकी आधी सजा पूरी होने में अभी दो महीने का वक्त बचा है। लालू आधी सजा पूरी होने का हवाला देते हुए जमानत मांग रहे थे। वह चारा घोटाले के एक मामले में सात साल जेल की सजा काट रहे हैं। तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह दिल्ली के एम्स में भर्ती हैं। जहां पर वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

कोर्ट में लालू की जमानत याचिका पर सुनवाई के क्रम में लालू की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ वकील कपिल सिब्‍बल ने बहस की। सीबीआइ की दलील के मुताबिक लालू की आधी सजा की अवधि पूरी होने में अब भी 2 माह 7 दिन का समय बचा है। कोर्ट ने इस बिना पर चारा घोटाले के दुमका कोषागार मामले में लालू की जमानत याचिका खारिज कर दी। कपिल सिब्‍बल की ओर से अदालत से आग्रह किया गया कि जमानत याचिका खारिज न की जाए और लालू को दो महीने बाद की तारीख दे दी जाए।

इस पर सीबीआइ ने कड़ा प्रतिरोध किया। सीबीआइ के वकील ने कहा कि उन्‍हें पहले ही अदालत से ऐसी दरख्‍वास्‍त करनी चाहिए थी। अब सजा की अवधि के सारे दस्‍तावेज कोर्ट में जमा करा दिए गए हैं, ऐसे में उनकी जमानत याचिका खारिज की जानी चाहिए। कोर्ट ने सीबीआइ की इस दलील को मानते हुए आखिरकार लालू की जमानत याचिका खारिज कर दी। इधर लालू के वकील देवर्षि मंडल ने कहा कि वे दो माह बाद आधी सजा पूरी होने पर फिर से झारखंड हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करेंगे। लालू की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल नहीं की जाएगी।

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद लालू यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी। दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में मिली सजा की आधी अवधि काट लेने के आधार पर लालू यादव की ओर से जमानत मांगी गई थी। सीबीआई कोर्ट ने उन्हें इस मामले में 7 साल की सजा सुनाई है। पिछली सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की ओर से दावा पेश किया गया था कि वे 42 महीने से अधिक जेल में रहे हैं। इस आधार पर उन्हें बेल मिलनी चाहिए। लेकिन सीबीआई ने इसका विरोध किया।

इससे पहले लालू यादव की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई 12 फरवरी को हुई थी। हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की दलील के बाद सीबीआई ने आर्डर शीट जमा कराने को लेकर कोर्ट से समय मांगा था, जिस पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 19 फरवरी तय की थी.

लालू यादव के अधिवक्ताओं का कहना था कि लोअर कोर्ट की जितनी रिपोर्ट झारखंड हाईकोर्ट से मांगी गई थी, वे सारी रिपोर्ट उन्होंने कोर्ट में जमा करा दी थी। लेकिन सीबीआई की तरफ से जानबूझ कर समय बढ़ाया जा रहा है।

पिछली सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं किए जाने पर झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी और रिम्स निदेशक को शो कॉज किया था। कोर्ट ने कहा था कि लालू प्रसाद को बेहतर इलाज के लिए एम्स शिफ्ट किया गया। लेकिन यह निर्णय क्यों लिया गया, यह मेडिकल रिपोर्ट से ही पता चलेगा। कोर्ट लगातार रिम्स से मेडिकल रिपोर्ट मांग रहा है। लेकिन अभी तक रिपोर्ट पेश नहीं की गई है।

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