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हमले के बाद दिलीप घोष हुए आक्रामक कहा, ममता को नहीं रोका तो बंगाल में बहेगी खून की नदियां

dilip ghosh-mamata

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के साथ-साथ लगातार राजनितिक हिंसा जारी हैं। खासकर बीजेपी और टीएमसी समर्थकों के बीच खूब तनाव देखने को मिल रहा हैं। दोनों पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्योप लगाती रही हैं। इसी क्रम बंगाल में बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष कूच बिहार में एक चुनावी सभा कर रहे थे उनके काफिले पर पत्थरबाजी की गई जिससे उनकी गाड़ी के शीशे टूट गए।

दिलीप घोष का दावा है कि हमले में उन्हें भी कई पत्थर आकर लगे हैं। घटना के बाद बुधवार शाम संवाददाताओं से बात करते हुए बीजेपी नेता ने सीधा-सीधा इस अटैक के लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है।

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘मैं कूचबिहार के सितलकुची में रैली कर रहा था। इस दौरान ममता बनर्जी की रैली से गाड़ियों में लौट रहे लोगों ने हमारे कार्यकर्ताओं को डराया, उन्हें डंडा दिखाया, तनाव पैदा किया। इस बीच पुलिस ने हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा।’ उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी एक समुदाय विशेष को उकसाने का काम कर रही हैं, उनकी सभाओं को रद्द किया जाए। ममता को ब्लॉक किया जाए, नहीं तो बंगाल में खून की नदियां बह जाएंगी। ममता के होते बंगाल में कभी निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता।

दिलीप घोष ने आरोप लगाया है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके वाहन पर ईंटों और बम से हमला किया। कार में जिस तरफ वह बैठे थे, उधर एक पत्थर आकर लगा जिससे खिड़की का शीशा टूट गया। इसके बाद उन्हें भी एक ईंट आकर लगी। हमले के बाद अपने एक वीडियो संदेश में दिलीप घोष ने कहा कि अगर यहां स्थिति ऐसी है तो कोई कैसे कूचबिहार में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव की उम्मीद कर सकता है। यह वही क्षेत्र है जहां की जनता ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बदलाव के पक्ष में अपना मतदान किया था। उधर, दिलीप घोष पर हुए हमले के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता स्थित चुनाव आयोग के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया।

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